Tesla इलेक्ट्रिक कार को सेल्फ ड्राइविंग मोड पर रखकर सो गया ड्राइवर, जानें फिर क्या हुआ?

Tesla की इलेक्ट्रिक कार अपने ऑटोनोमस ड्राइविंग सिस्टम के लिए प्रसिद्ध है। इस सिस्टम को सेल्फ ड्राइविंग सिस्टम भी कहा जाता है, जिसमें वाहन को एक खास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस सिस्टम कंट्रोल करता है। हालांकि, कंपनी यूजर्स को चेतावनी देती है कि इस सिस्टम पर पूरी तरह से निर्भर न रहे और रोड पर हमेशा सचेत रहे। फिर भी, कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो अपनी Tesla इलेक्ट्रिक कार को ऑटो-पायलट मोड पर रखकर सोना ज्यादा पसंद करते हैं और लेटेस्ट घटना भी इसी से जुड़ी है।

Sky News के अनुसार, जर्मनी में एक टेस्ला कार ड्राइवर ने अपनी इलेक्ट्रिक कार को ऑटो-पायलट पर रखकर सोने का फैसला लिया और पुलिस के लिए आफत बन गया। रिपोर्ट बताती है कि ड्राइवर बामबर्ग के बवेरियन शहर के एक हाइवे पर अपनी कार को ऑटो-पायलट में डालकर और सीट पीछे करके सो गया।

यातायात अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने जांच के लिए इलेक्ट्रिक कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के बार-बार हॉर्न बजाने के बावजूद ड्राइवर ने 15 मिनट तक अपनी गाड़ी नहीं रोकी।

रिपोर्ट के अनुसार अपने बयान में बवेरियन पुलिस फोर्स ने कहा, (अनुवादित) “यह ध्यान देने योग्य था कि वाहन ने वीरथ-ट्रुनस्टाट जंक्शन से बामबर्ग-हाफेन जंक्शन तक 110 किलोमीटर प्रति घंटे (68mph) की गति के साथ पुलिस कार से समान दूरी बनाए रखी।” 

पुलिस अधिकारियों ने पाया कि टेस्ला चालक अपनी आंखें बंद करके सीट पर लेटा हुआ था और उसके हाथ स्टीयरिंग व्हील पर नहीं थे, जिससे उनका ये शक गहरा गया कि ड्राइवर ने कार का ऑटो-पायलट सिस्टम ऑन किया है और वह सो गया है।

पुलिस ने बताया कि करीब 15 मिनट बाद ड्राइवर नींद से जागा और उसके बाद उसने पुलिस के निर्देशों का पालन किया। पुलिस के अनुसार, इस व्यक्ति की उम्र 45 वर्ष थी और उस समय वह नशे की हालत में लग रहा था।

इतना ही नहीं, पुलिस ने आगे बताया कि उस व्यक्ति ने अपने स्टीयरिंग व्हील पर एक ऐसा डिवाइस लगाया हुआ था, जो हाथ के समान वजन की तरह महसूस होता है, जिससे ऑटो-पायलट सिस्टम यह समझे कि ड्राइवर के हाथ स्टीयरिंग व्हील्स पर हैं।

रिपोर्ट बताती है कि व्यक्ति पर आपराधिक आरोप लगाया गया है और केस कोर्ट तक पहुंचा दिया गया है।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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