Hyundai Santro से Volkswagen Polo तक 2022 में भारत में ये 10 पॉपुलर कारें हुई बंद, देखें लिस्ट

2022 में भारत में कई कारों के प्रोडक्शन और बिक्री को स्थाई रूप से बंद कर दिया गया। इसमें एक या दो नहीं बल्कि 10 से ज्यादा कारें शामिल हैं। Datsun Go, Hyundai Grand i10 Nios, Maruti Suzuki S Cross, Hyundai Santro, Renault Duster सहित कई पॉपुलर कारों को अब देश में लोग खरीद नहीं सकते, क्योंकि शायद कार निर्माताओं का ये मानना था कि ये कारें अपने जीवन चक्र के अंत तक पहुंच गए थे या आधुनिक प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में आउटडेटेड थे। वहीं, कुछ कार कीमत के मामले में भी अपने प्रतिद्वंदियों से खास किफायती नहीं थे। हम आपको यहां उन 10 पॉपुलर कारों के बारे में बता रहे हैं, जो 2022 में स्थाई रूप से बंद हो गई हैं।
 

Hyundai Santro

Hyundai ने Santro को 1998 में लॉन्च किया था, जिसने लॉन्च के साथ ही देशवासियों का दिल जीत लिया। यह वो किफायती कार थी, जिसने Maruti 800 की लीगेसी को जबरदस्त टक्कर दी। कई अपग्रेड और फेसलिफ्ट लॉन्च करने के बाद कंपनी ने इस कार को देश में बंद कर दिया। हालांकि, करीब 20 साल बाद बाजार में Santro की दूसरी पीढ़ी को लॉन्च किया गया, लेकिन यह मॉडल मार्केट में अपनी छार छोड़ने में विफल रहा। इसका सबसे बड़ा कारण कार का प्राइस था, जो सेगमेंट की अन्य कारों की तुलना में ज्यादा था। इसके अलावा, कार अनिवार्य छह एयरबैग और RDE मानदंडों में सरकार द्वारा जोड़े नए नियमों पर भी खड़ी नहीं उतरती थी और निश्चित तौर पर कार को फिर से इंजीनियर करना एक महंगा सौदा था।
 

Datsun Go, Go+, Redigo

Nissan ने इस साल अप्रैल में देश में अपने किफायती Datsun ब्रांड को ही बंद करने का फैसला लिया, जिसके साथ देश में कंपनी की कुल तीन कार Datsun Go, Go+ और Redigo बंद हो गईं। Datsun को केवल भारत में ही नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर बंद कर दिया गया है।
 

Hyundai Grand i10 Nios/ Aura diesel

लिस्ट में अगला नाम Hyundai की Grand i10 Nios और Aura के डीजल वेरिएंट का है, जिन्हें कंपनी ने इस साल भारत में बंद कर दिया। इनके इंजन में कोई समस्या नहीं थी, लेकिन डीजल की तुलना में ग्राहकों द्वारा पेट्रोल को ज्यादा फायदेमंद समझना और आरडीई मानदंडों की वजह से इंजन में बदलाव करने की नौबत आना उन कुछ वजहों में से हो सकते हैं, जिनके कारण हुंडई ने डीजल इंजन को बंद कर दिया। दोनों कारें अब पेट्रोल इंजन में उपलब्ध हैं।
 

Maruti Suzuki S Cross

2015 में, Maruti Suzuki ने S Cross को पेश किया था। बिक्री के रिकॉर्ड शुरुआत में बहुत अच्छे थे। सटीक संख्या की बात करें, तो कंपनी ने इस कार की कुल 1.69 लाख यूनिट्स बेचीं। हालांकी, अपनी नई Grand Vitara के लिए रास्ता बनाने के लिए Maruti Suzuki ने भारत में S Cross को बंद कर दिया।
 

Renault Duster

Renault ने 2012 में भारत में Duster को पेश किया और देखते ही देखते ये कंपनी की देश में सबसे लोकप्रिय कार बन गई। जबरदस्त बिक्री के बीच करीब एक दशक तक इसे बहुत कम अपडेट मिलें। कहीं न कहीं यही वजह थी कि कार अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में आउटडेटेड हो गई। अब, आखिरकार कंपनी को इसे भारत में बंद करना पड़ा।
 

Toyota Urban Cruiser

Toyota ने 2020 में Maruti Vitara Brezza को रीबैज कर Urban Cruiser के नाम से लॉन्च किया। सिर्फ दो साल में ही कंपनी को इस कार को देश में बंद करना पड़ा। इस कार की देश में प्रति माह लगभग 2,200 यूनिट्स की औसत बिक्री हुई।
 

Volkswagen Polo

Volkswagen Polo को 12 साल के कार्यकाल के बाद भारत में इस साल बंद कर दिया गया। यह ब्रांड का सबसे लोकप्रिय मॉडल था, जिसकी 25 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिकी थीं। हालांकि, समय के साथ यह हैचबैक होने के नाते बहुत महंगी महसूस होने लगी। कहीं न कहीं घटती बिक्री और बहुत पूराना मॉडल उन कारणों में शामिल हो सकते हैं, जिनके कारण कंपनी को इसे बंद करना पड़ा।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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