भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाया ‘अनोखा’ एयर फ‍िल्‍टर, कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को कर देगा ‘खत्‍म’, जानें पूरा मामला

चीन में कोरोना (Corona) के नए वैरिएंट से कोहराम मचा हुआ है। इस बीच, भारतीय वैज्ञानिकों ने एक बड़ी कामयाबी पाई है। उन्‍होंने एक नए एयर फिल्टर को डेवलप किया है। यह एयर फ‍िल्‍टर हवा में मौजूदा कीटाणुओं (germs) को मार सकता है। वैज्ञानिकों ने एयर फ‍िल्‍ट्रेशन की जिस तकनीक को विकस‍ित किया है, वह ग्रीन टी में पाए जाने वाले कंपाउंड्स का इस्तेमाल करके कीटाणुओं को सिस्‍टम से ‘सेल्फ-क्लीन’ कर सकता है। इस एयर फ‍िल्‍टर की सबसे बड़ी खूबी है कि यह सार्स कॉव-2 के डेल्टा वैरिएंट SARS-CoV-2 (delta variant) को 99.24 फीसदी एफ‍िशिएंसी के साथ निष्क्रिय कर सकता है।  

एयर फ‍िल्‍टर को बंगलूरू के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस में सूर्यसारथी बोस और कौशिक चटर्जी के नेतृत्व वाली स्‍टडी टीम ने तैयार किया है। वैज्ञानिकों ने जो एयर फिल्टर डेवलप किए हैं, ग्रीन टी में पाए जाने वाले पॉलीफेनोल्स और पॉलीकेशनिक पॉलिमर्स जैसे कंपाउंड्स को यूज करते हैं। ये एयर फ‍िल्‍टर रोगाणुओं को तोड़कर उन्‍हें निष्क्रिय कर सकते हैं। एयर फ‍िल्‍टर को विकस‍ित करने में साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड ने भी सहयोग दिया। वैज्ञानिकों ने इस खोज को पेंटेंट कराने के लिए आवेदन किया है। 
 

मौजूदा एयर फ‍िल्‍टर्स में है यह कमी 

प्रेस इन्‍फर्मेशन ब्‍यूरो की ओर से शेयर की गई जानकारी में बताया गया है कि मौजूदा वक्‍त में जो एयर फ‍िल्‍टर इस्‍तेमाल किए जा रहे हैं, उनका लगातार इस्‍तेमाल होने से कीटाणु उन्‍हीं को ब्रीडिंग ग्राउंड यानी प्रजनन स्‍थल बना लेते हैं। कीटाणुओं की संख्‍या बढ़ने से मौजूद एयर फ‍िल्‍टर्स के छेद बंद हो जाते हैं और फ‍िल्‍टरों की लाइफ कम हो जाती है। इससे एयर फ‍िल्‍टर इस्‍तेमाल करने वाले लोगों के संक्रमित होने के चांस बढ़ जाते हैं। 

वैज्ञानिकों ने जो एयर फ‍िल्‍टर डेवलप किया है, उसे नेशनल ऐक्रेडीटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेट्रीज-एनएबीएल से मान्यता प्राप्त लैबोरेटरी में भी टेस्‍ट किया गया है। यह एंटीमाइक्रोबियल फिल्टर है। दावा है कि यह लोगों को एयर पल्‍यूशन से तो बचाएगा ही, कोरोना वायरस के प्रसार को कम करने में भी मदद कर सकता है। नए फ‍िल्‍टर को एयर कंडीशनर, सेंट्रल डक्‍ट और एयर प्‍यूरीफायर में इस्‍तेमाल किया जा सकेगा। 

देशभर में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। उत्तर भारत के शहरों में हालात ज्‍यादा खराब हैं। नए एयर फ‍िल्‍टर लोगों के लिए ज्‍यादा कारगर साबित हो सकते हैं, हालांकि इंडस्‍ट्री में इनका प्रोडक्‍शन कबतक शुरू होगा, इस बारे में अभी जानकारी नहीं है।  
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *