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द हिंदू इन स्कूल साइंस फेस्टिवल 7 जनवरी, 2023 को सेंट जोसेफ कम्पोजिट पीयू कॉलेज ऑडिटोरियम, सलगामे रोड, हासन में आयोजित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में एक इंटर-स्कूल प्रतियोगिता है, जो छात्रों को अपनी प्रतिभा और परियोजनाओं को प्रदर्शित करने के लिए वैज्ञानिक अवधारणाओं पर नवीन विचारों के साथ एक मंच प्रदान करती है। सुबह 9 बजे शुरू होने वाला विज्ञान उत्सव हासन जिले के छात्रों के लिए खुला है।

एक टीम में कक्षा 7 से कक्षा 10 तक के दो छात्र शामिल होने चाहिए। कोई प्रवेश शुल्क नहीं है। स्कूल से कोई भी प्रामाणिक टीम mlrcir@thehindu.co.in पर ई-मेल भेजकर भाग ले सकती है। रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 5 जनवरी, 2023 है। स्पॉट रजिस्ट्रेशन की भी इजाजत है। टीमों को स्पॉट रजिस्ट्रेशन के लिए उस दिन सुबह 8.30 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर रिपोर्ट करना होगा।

महोत्सव में भाग लेने वाले छात्रों को मेक इन इंडिया अवधारणा के तहत अभिनव, लागत प्रभावी कार्यशील मॉडल परियोजनाओं का प्रदर्शन करना होगा। विजेता को चेंज मेकर पुरस्कार, नकद पुरस्कार, एक ट्रॉफी और योग्यता प्रमाणपत्र प्राप्त होगा। प्रथम और द्वितीय उपविजेता को नकद पुरस्कार, ट्राफी और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। सभी प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाण पत्र प्राप्त होंगे।

कार्यक्रम के दिन प्रख्यात संसाधन व्यक्तियों द्वारा नई पीढ़ी के पालन-पोषण और मूल्य-आधारित शिक्षा विषय पर शिक्षकों और अभिभावकों के लिए एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

एक्सीलेंट पीयू कॉलेज, मूडबिद्री टाइटल स्पॉन्सर है।

पंजीकरण पर अधिक जानकारी और सहायता के लिए 9448279124, 9035566695 और 7619194740 पर कॉल करें या हिन्दू 0824-2417575 पर कार्यालय या mlrcir@thehindu.co.in पर एक मेल भेजें।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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