देश की सबसे बड़ी कार मेकर Maruti Suzuki ने जनवरी से अपनी कारों के प्राइसेज बढ़ाने की घोषणा की है। हालांकि, इससे पहले कंपनी अपनी अधिकतर कारों पर भारी डिस्काउंट और ऑफर्स की पेशकश कर रही है। इसमें कैश डिस्काउंट, कॉरपोरेट डिस्काउंट, एक्सचेंज बेनेफिट और मुफ्त एक्सेसरीज या सर्विसेज शामिल हैं। 

कंपनी की स्मॉल कार Alto K10 पर सबसे अधिक 52,000 रुपये तक के बेनेफिट मिल रहे हैं। इसमें 30,000 रुपये तक का कैश डिस्काउंट, 15,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस और 5,000 रुपये तक का कॉरपोरेट डिस्काउंट शामिल है। इसके ऑटोमैटिक वेरिएंट पर 22,000 रुपये और CNG वेरिएंट पर लगभग 45,000 रुपये तक का डिस्काउंट मिल सकता है। मारुति की Celerio पर 45,000 रुपये से कुछ अधिक के बेनेफिट मिल रहे हैं। इस हैचबैक के CNG वेरिएंट पर 45,100 रुपये, मैनुअल वेरिएंट पर 36,000 रुपये और और ऑटोमैटिक पर 21,000 रुपये तक का डिस्काउंट है।

मारुति की WagonR पर 42,000 रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। स्विफ्ट हैचबैक और डिजायर पर 32,000 रुपये तक के डिस्काउंट की पेशकश की जा रही है। कंपनी अगले वर्ष की शुरुआत से अपनी कारों के प्राइसेज बढ़ाने की तैयारी कर रही है। मारुति ने बताया कि इन्फ्लेशन और हाल के रेगुलेटरी नियमों से कॉस्ट बढ़ने के कारण उसे यह फैसला लेना पड़ा है। सितंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग चार गुना बढ़कर 2,061 करोड़ रुपये से अधिक रहा था। कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया, “इन्फ्लेशन और हाल के रेगुलेटरी नियमों के कारण कंपनी पर कॉस्ट बढ़ने का प्रेशर है। इस वजह से इसका कुछ भार प्राइस बढ़ाने के जरिए कम करना जरूरी हो गया है। कंपनी ने अगले वर्ष जनवरी से प्राइस में बढ़ोतरी करने की योजना बनाई है। यह कारों के मॉडल्स के अनुसार अलग होगी।” 

कुछ अन्य ऑटोमोबाइल कंपनियां भी अपनी कारों के प्राइस बढ़ा सकती है। टू-व्हीलर मेकर हीरो मोटोकॉर्प ने भी बाइक और स्कूटर के प्राइसेज बढ़ाने की घोषणा की है। मारुति सुजुकी की नवंबर में बिक्री बढ़कर लगभग 1.60 लाख यूनिट्स की रही। यह पिछले वर्ष इसी महीने की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। कंपनी को इस वर्ष Baleno और Grand Vitara के नए वेरिएंट्स के लॉन्च से बिक्री बढ़ाने में मदद मिली है। पिछले महीने कंपनी की बिक्री 1,59,044 यूनिट्स की रही। यह पिछले वर्ष के इसी महीने में 1,39,184 यूनिट्स थी।  
 

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *