Automobili Pininfarina ने हाल ही में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार को घोषित किया, जिसके लिए कंपनी का दावा है कि यह दुनिया में सबसे तेज स्पीड वाली EV और दुनिया की सबसे तेज रोड-लीगन वाहन है। 2015 में आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) के महिंद्रा ग्रुप ने इस लक्जरी ईवी निर्माता का अधिग्रहण किया था। इस हाइपरकार की उपलब्धियों की घोषणा करने के लिए आनंद महिंद्रा ने ट्विटर का सहारा लिया। इस ट्वीट पर एक यूजर ने मजेदार रिप्लाई किया, जिसके बाद महिंद्रा भी रिप्लाई करने से खुद को रोक नहीं पाए। 

Anand Mahindra ने Twitter पर लिखा और “पिनिनफेरिना की ऑल-इलेक्ट्रिक बटिस्टा हाइपरकार दुनिया की सबसे तेज स्ट्रीट-लीगल व्हीकल बन गई है, जो भारतीयों के लिए एक ‘दिलचस्प’ तथ्य से कहीं अधिक है। क्योंकि पूरे प्रोजेक्ट की परिकल्पना @MahindraRise द्वारा की गई थी, जिसका @AutomobiliPinin भी एक हिस्सा है।”
 

इस ट्वीट के रिप्लाई में एक यूजर ने लिखा “तब भी भारतीय ट्रैफिक में ऑटो-रिक्शा [सबसे तेज ईवी से भी] तेज रहेंगे।” आनंद महिंद्रा ने इस टिप्पणी से पूरी सहमती जताई। उन्होंने इसके जवाब में लिखा, “Can’t argue with that”, जिसका सीधा मतलब है कि महिंद्रा यूजर की बात से सहमत हैं।
 
हो भी क्यों न, भारत में ट्रैफिक एक सिरदर्दी है। चाहें सड़कें जितनी भी चौड़ी हो, ट्रैफिस से बचना बहुत मुश्किल है और ऐसे में कितनी भी फास्ट कार इन सड़कों पर आ जाए, रिक्शा को पछाड़ नहीं सकती। ऑटो रिक्शा छोटे साइज के होते हैं, जो उन्हें तंग गलियों और यातायात में आराम से निकलने के लिए उपयुक्त बनाते हैं। शायद ऐसा करना एक हाइपरकार के लिए मुश्किल हो।

Pininfarnia की Battista इलेक्ट्रिक हाइपरकार एक बार चार्ज करने पर 310 मील (करीब 500 Km) चल सकती है और इसकी अधिकतम स्पीड 270 मील प्रति घंटा (करीब 435 kmph) है। कार 1.79 सेकंड में 1-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। जैसा कि हमने बताया कि यह रोड लीगल कार है, जो एंड यूजर्स को भी इसी पावर के साथ मिलेगी।

By MINIMETRO LIVE

Minimetro Live जनता की समस्या को उठाता है और उसे सरकार तक पहुचाता है , उसके बाद सरकार ने जनता की समस्या पर क्या कारवाई की इस बात को हम जनता तक पहुचाते हैं । हम किसे के दबाब में काम नहीं करते, यह कलम और माइक का कोई मालिक नहीं, हम सिर्फ आपकी बात करते हैं, जनकल्याण ही हमारा एक मात्र उद्देश्य है, निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने पौराणिक गुरुकुल परम्परा को पुनः जीवित करने का संकल्प लिया है। आपको याद होगा कृष्ण और सुदामा की कहानी जिसमे वो दोनों गुरुकुल के लिए भीख मांगा करते थे आखिर ऐसा क्यों था ? तो आइए समझते हैं, वो ज़माना था राजतंत्र का अगर गुरुकुल चंदे, दान, या डोनेशन पर चलती तो जो दान देता उसका प्रभुत्व उस गुरुकुल पर होता, मसलन कोई राजा का बेटा है तो राजा गुरुकुल को निर्देश देते की मेरे बेटे को बेहतर शिक्षा दो जिससे कि भेद भाव उत्तपन होता इसी भेद भाव को खत्म करने के लिए सभी गुरुकुल में पढ़ने वाले बच्चे भीख मांगा करते थे | अब भीख पर किसी का क्या अधिकार ? आज के दौर में मीडिया संस्थान भी प्रभुत्व मे आ गई कोई सत्ता पक्ष की तरफदारी करता है वही कोई विपक्ष की, इसका मूल कारण है पैसा और प्रभुत्व , इन्ही सब से बचने के लिए और निष्पक्षता को कायम रखने के लिए हमने गुरुकुल परम्परा को अपनाया है । इस देश के अंतिम व्यक्ति की आवाज और कठिनाई को सरकार तक पहुचाने का भी संकल्प लिया है इसलिए आपलोग निष्पक्ष पत्रकारिता को समर्थन करने के लिए हमे भीख दें 9308563506 पर Pay TM, Google Pay, phone pay भी कर सकते हैं हमारा @upi handle है 9308563506@paytm मम भिक्षाम देहि

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