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देश में अब तक का फास्टेस्ट रिजल्ट जारी कर बोर्ड ने राज्य का गौरव बढ़ाया
तीनों संकाय के कुल 80.15% परीक्षार्थी हुए उत्तीर्ण
टापर्स की लिस्‍ट में सिमुलतला स्‍कूल का कोई छात्र नहीं, पटना के स्‍कूल भी रहे पीछे

मिनीमेट्रो न्यूज़, पटना। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2022 का परीक्षा फल आज जारी कर एक बार पुनः अपने ही बोर्ड के रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए पूरे देश में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार एवं परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर भी उपस्थित थेl विज्ञान, वाणिज्य एवं कला तीनों संकाय के जारी परीक्षाफल में कुल 80.15% परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। समिति ने पूरे देश में इंटरमीडिएट का अब तक का फास्टेस्ट रिजल्ट जारी करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त कर राज्य का गौरव बढ़ाया।

समिति द्वारा इंटरमीडिएट की परीक्षा 1 फरवरी से 14 फरवरी तक ली गई थी। 26 फरवरी से 13 लाख 25 हजार 749 परीक्षार्थियों के लगभग 70 लाख कॉपियों एवं 70 लाख ओएमआर शीट की जांच करते हुए यह परीक्षा फल रिकॉर्ड दिनों के अंदर जारी किया गया है। जारी परीक्षाफल में 4,52,171 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में 5,10,831 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी में तथा 99,550 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। सर्वाधिक 90.38% कॉमर्स में, 79.81% साइंस में तथा आर्ट्स में 79% परीक्षार्थी उत्‍तीर्ण रहे।

इंटरमीडिएट विज्ञान संकाय के सौरभ कुमार ने 472 अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वाणिज्य संकाय में अंकित कुमार गुप्ता ने 473 अंक प्राप्त कर और कला संकाय में संगम राज ने 482 अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस बार राज्‍य स्‍तर के टापर्स की लिस्‍ट में सिमुलतला स्‍कूल का कोई छात्र नहीं है। बोर्ड ने जिलावार सभी तीन संकाय में टाप थ्री रैंक वाले छात्र-छात्राओं की सूची भी जारी की है। रिजल्‍ट में पटना के स्‍कूल ग्रामीण और सुदूरवर्ती जिलों के स्‍कूलों से पहली नजर में काफी पीछे दिख रहे हैं।

बिहार बोर्ड ने लगातार चौथे वर्ष देश में सबसे पहले इंटरमीडिएट का रिजल्ट जारी कर एक नया इतिहास रच दिया हैl ज्ञात हो कि विगत 3 वर्षों से कोरोना महामारी की चुनौतियों के बीच परीक्षा लेना और रिजल्ट जारी करना एक चुनौती बनी रही हैl बिहार बोर्ड ने नवीन तकनीक एवं सुचारु परीक्षा व्यवस्था के मामले में देश का सर्वश्रेष्ठ बोर्ड बनकर दिखलाया हैl लगातार तीसरे वर्ष बारकोड कापियों के अंकों की प्रविष्टि मूल्यांकन केंद्रों से सीधे कंप्यूटर के माध्यम से की गई तथा सभी विषयों में प्रश्न पत्रों के 10 से तैयार कराए गएl जबकि लगातार दूसरे वर्ष समिति ने सभी विषयों के ऑब्जेक्टिव एवं सब्जेक्टिव दोनों में 100% अतिरिक्त प्रश्नों का विकल्प दिया।

बिहार बोर्ड द्वारा तकनीक आधारित परीक्षा सुधारो के फलस्वरूप वर्ष 2021 में दूसरे बोर्डों से मैट्रिक उत्तीर्ण 1,21,316 विद्यार्थियों ने बिहार बोर्ड के इंटर कक्षाओं में नामांकन कराया था। बोर्ड ने पिछली बार भी देश में सबसे पहले 26 मार्च को इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2021 का परिणाम घोषित किया था जो गत वर्ष तक का देश में फास्टेस्ट रिजल्ट था और इस वर्ष अपने ही रिकार्ड को तोड़ते हुए बोर्ड ने परीक्षा समाप्त होने के 30वें दिन परीक्षा फल घोषित करने का कीर्तिमान स्थापित किया हैl

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