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बिहार में शराबबंदी कितनी सफल? क्या हुआ असर शराब बंदी का ?

बिहार: शराब बंदी मेरे ख्याल से ठीक ही है । कुछ लोग जहरीली शराब पीने से मर गए उनकी प्रत्ति हम अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं , होली मे शराब जब खुली थी तब कितने लोग मारे जाते थे और अब कितने लोग मारे जाते हैं ? इसका भी डेटा सामने लाइये जनाब ! होली मे पहले जो पीकर हुड़दंग देखने को मिलता था , घर से निकलना मुहाल हो जाता था , मेरी माताजी कहती हैं इसपर की पहले साम के 6 बजे के बाद सब रिक्सा वाला पीकर टाइट मिलता था अब एको गो नही मिलता , साफ स्पष्ट है शराब बन्दी मुख्यमंत्री Nitish Kumar का सफल हो या न हो मगर बदलाव तो दिख ही रहा है । हमने शराब बंदी को लेकर सरकार को सुझाव दिए जिसे सरकार ने फौरन अमल मे लाया इससे यह भी जाहिर होता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सही सुझाव को सुनते भी हैं और अमल मे भी लाते हैं । अब बात इसके फायदे की तो गरीब लोगों के हाँथ मे अब पैसा बचता है उनके बच्चो के पीठ पर बोरी नही बस्ता सजता है । आस पड़ोस गली मोहल्ले का माहौल अब शराब पीकर कोई खराब नही कर सकता जैसे ही कोई दिखता है लोग पुलिस को सूचित कर देते हैं । अरे भाई साहेब बेटी बाप को पकड़वा देती है । न कोई अब घर का माहौल खराब कर सकता है न ही गली मोहल्ले का । कुछ लोग कह रहे कि जहरीली शराब से मौत के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार है तो उन सभी से मेरा एक मार्मिक प्रश्न है दुकान मे जहर भी मिलता है अगर कोई पीकर या खाकर मर जाये तो इसे हम आत्महत्या कहेंगे या मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराएंगे ? दुष्प्रभाव :- पुलिस शराब बन्दी के नाम पर अवैध वसूली करती है , कालाबाजार का कारोबार चर्म पर है , सरकार का रैवेन्यू कम हुआ है , धंधेबाज कम और आम लोगो को ज्यादा तंग किया जा रहा है , जिनके कांधे पर शराब बंदी को सफल बनाने की जिम्मेदारी है वही कभी कभी शराब पीकर टुन्न नजर आते हैं, हेलिकॉप्टर और ड्रोन से शराब खोजना मूर्खतापूर्ण है अरे भाई जिसको समस्या होगी वो पुलिस को सूचित कर ही देगा दहेज गलत है बन्द हुआ क्या ! उसी प्रकार से शराब का सेवन भी है । अब इसपर मेरा विचार ले लीजिए बिहार सरकार को शराब बंदी लागू रखनी चाहिए साथ ही गुजरात वाला मॉडल लाने के बारे मे सोचना चाहिए , माननीय मुख्यमंत्री को शराब बंदी पर गुजरात वाला मॉडल लाकर इसपर से आंख मूंद लेना चाहिए , हंगामा है क्यों बरपा थोड़ी सी जो पी ली है चोरी तो नही की है डाका तो नही डाला ! शराब बंदी बिहार जैसे प्रदेश के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है मगर जरूरत है उसके इम्प्लीमेंटेशन पर सरकार काम करें| सख्ती से काम नही चलेगा जरूरत है जागरूकता अभियान चलाकर लोगो का जन समर्थन जुटाने की , जरूरत है शराब से जिन लोगो का घर चलता था उनको रोजगार मुहैया करवाने की । बाद बांकी हम शराब बंदी का खुला समर्थन करते हैं आपका पता नही

By Shubhendu Prakash

शुभेन्दु प्रकाश 2012 से सुचना और प्रोद्योगिकी के क्षेत्र मे कार्यरत है साथ ही पत्रकारिता भी 2009 से कर रहें हैं | कई प्रिंट और इलेक्ट्रनिक मीडिया के लिए काम किया साथ ही ये आईटी services भी मुहैया करवाते हैं | 2020 से शुभेन्दु ने कोरोना को देखते हुए फुल टाइम मे जर्नलिज्म करने का निर्णय लिया अभी ये माटी की पुकार हिंदी माशिक पत्रिका में समाचार सम्पादक के पद पर कार्यरत है साथ ही aware news 24 का भी संचालन कर रहे हैं , शुभेन्दु बहुत सारे न्यूज़ पोर्टल तथा youtube चैनल को भी अपना योगदान देते हैं | अभी भी शुभेन्दु Golden Enterprises नामक फर्म का भी संचालन कर रहें हैं और बेहतर आईटी सेवा के लिए भी कार्य कर रहें हैं |

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